रायगढ़। जिले के सुदूर वनांचल तहसील लैलूंगा के अंतर्गत एक बड़ा ग्राम पंचायत गहनाझरीया है।
लैलूंगा के इस आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के बड़े राजस्व ग्राम की अधिक जनसंख्या तथा पारा, मोहल्लों की भौगौलिक दृष्टि को देखते हुए,यहां के ग्रामीण ग्राम विभाजन की मांग पिछले काफी लंबे समय से कर रहे है।
पहाड़ी और बनांचल क्षेत्र के साथ दूर-दूर बसाहट होने के कारण इस क्षेत्र को जनसुविधाओं एवं समग्र विकास का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण आम जनमानस को बहुत ही कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से क्षेत्र के गरीब आदिवासी और आम नागरिक आज भी शासन की योजनाओं एवं अपने मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।

इन पररिस्थितियों को ध्यान में रखते हुये बड़े राजस्व ग्राम गहनाझरिया के मोहल्ले गहनाझरिया, छापरपानी, बरखोरिया, भैसबुढी, एवं सुकवास को राजस्व ग्राम में विभाजन करते का निवेदन लेकर ग्रामीण बड़ी संख्या में रायगढ़ कलेक्टर के पास पहुंचे थे।
गहनाझरिया तहसील-लैलूंगा का मामला
ग्रामीणों ने बताया कि रायगढ़ कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने बड़ी सहजता से ग्रामीणों की बात सुनी तथा उन्हे आश्वस्त किया कि वे ग्रामीणों की मांग से संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन करेंगे साथ ही शीघ्रता से ग्रामीणों की मांग के अनुरूप ग्राम विभाजन का कार्य पूर्ण करवाएंगे।
वहीं इस बात की जानकारी भी मिली है कि कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा रायगढ़ के आदेश कमांक 02/रा.नि.का./2020 रायगढ़ दिनांक 04-जनवरी-2021 के द्वारा बड़े राजस्व ग्राम के आश्रित पारा/मोहल्ला का जनसंख्या के आधार पर विभाजन किये जाने हेतु ग्रामों के सीमा निर्धारण, प्रस्तावित नक्शा, रि-नंबरिंग सूची एवं अन्य आवश्यक कार्यवाही किये जाने दल गठन आदेश जारी हो चुका था।
जिस पर तहसील कार्यालय लैलूंगा में प्रकरण भी चल चुका है। अब सिर्फ ग्राम विभाजन की प्रक्रिया में कलेक्टर साहब का मुहर लगना बाकी हैं।










