खरसिया काग्रेंस में बगावत के सुर …..!!

रायगढ़ । चुनाव आयोग के चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद सभी दलों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, उसी क्रम में आज हम बात करेंगे छत्तीसगढ़ की हाट सीट रही खरसिया विधानसभा क्षेत्र कि,खरसिया विधानसभा क्षेत्र अर्जुन सिंह के समय से ही हाट सीट बनीं हुईं हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में इस सीट से कलेक्टर का पद छोडकर चुनाव मैदान उतरे ओ.पी.चौधरी खरसिया विधानसभा क्षेत्र से अपनी किस्मत आजमाई लेकिन चुनाव विधायक उमेश पटेल से चुनाव हार गये,इस बार चुनाव में खरसिया विधानसभा से विधायक उमेश पटेल व मंत्री की राह उतनी आसान नजर नहीं आ रहीं हैं।

क्योंकि इस बार विधानसभा चुनाव में उमेश पटेल के खिलाफ विजय जयसवाल भी चुनावी मैदान में आम आदमी पार्टी से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं,आपको बता दें कि विजय जयसवाल खरसिया विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी क्षेत्र में अच्छी खासी पैठ रखते हैं,लेकिन इस बार विजय जयसवाल आम आदमी पार्टी से चुनावी मैदान में हैं, हालांकि पिछले बार वो चुनावी मैदान में आये थें लेकिन एन मौके पर उन्होंने वर्तमान विधायक के समर्थन में चुनावी मैदान से खुद को बाहर कर लिया था ।

इस बार स्थिति कुछ दूसरी हो चली हैं, इस बार वो चुनावी मैदान में जनता के बीच हैं, जिनकी पकड़ दोनों पार्टियों के बीच मजबूत है,वहीं भाजपा की बात की जाये तो भाजपा ने इस चुनावी मैदान ऐसा व्यक्ति को उतारा हैं जो आम जनता के बीच हमेशा रहता हैं,जिन्होंने राजनीतिक गुण भी शहीद नंदकुमार जी के साथ रह कर सीखा है हम बात कर रहे हैं।

महेश साहू कि- महेश साहू शुरू से खरसिया विधानसभा क्षेत्र के घर घर से वाकिफ हैं,साहू विधायक ना होने के बावजूद भी हमेशा जनता के बीच रहे हैं, और लोगों की बात प्रशासन तक पहुंचाते रहे हैं, उनकी छवी एक साफ सुथरे,सरल नेता की है,इस बार भाजपा ने उन पर भरोसा जताया है,क्या महेश जनता समर्थन हासिल कर पायेंगे?ये तो भविष्य के गर्भ मे हैं,वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए उमेश पटेल को इस बार भी जीत के लिए साम-दाम-दंड-भेद का प्रयोग करना पड़ेगा।