रायगढ़। शहीद नंदकुमार पटेल ने एक सपना देखा था कि हमारे जिलें में भी विश्वविद्यालय हो जिससे विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो ,उस सपने को छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की काग्रेस की सरकार बनी तो जिलें में शहीद नंदकुमार पटेल के नाम पर ही विश्वविद्यालय की स्थापना हुई ।
लेकिन आज उसी विश्वविद्यालय ने पूरी तरह छात्रों के भविष्य साथ अन्याय कर रही हैं ,हाल ही में जाजंगीर का मामला सामने आया है, जिसमे बीएड के प्रथम वर्ष के छात्रों को विषय से हट कर प्रश्नपत्र सवाल दिया गया, जब छात्रों ने इसकी शिकायत केन्द्राध्यक्ष व कुलपति से किया गया तो आश्वासन दिया गया कि ऐसा कुछ भी होता हैं तो हम आप को इन प्रशनों का बोनस अंक दिया जायेगा ।

लेकिन परिणाम आश्वासन के ठीक विपरीत हुआ किसी को भी बोनस अंक नहीं दिया गया बल्कि जब इस बात को लेकर कुलपति से बात करने छात्र जब पहुंचे तो वहां पुलिस मौजूद थी ,बडी जद्दोजहद की बाद छात्रों की मुलाकात कुलपति से हुई उन्होंने छात्रों से कहा कि एक समिति का गठन कर जांच कराने की का आश्वासन छात्रों को दिया है।

वहीं छात्रों का एक प्रतिनिधी मंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल से भी मुलाकात की लेकिन छात्रों को यहां से भी जांच आश्वासन मिला हैं अब देखना हैं कि शहीद नंदकुमार पटेल के सपनों के साथ छात्रों के भविष्य का क्या होता हैं।
कल हमनें इस पूरे मामले को लेकर शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन से संपर्क नहीं हो पाया उसके बाद हमने खरसिया विधायक एवं उच्च शिक्षा मंत्री से भी संपर्क करनें कोशिश की लेकिन मंत्री महोदय का नंबर बंद होने की वजह संपर्क नहीं हो सका










