नव निर्मित पुल में खुली भ्र्ष्टाचार की पोल पहली ही बारिश में आई बड़ी दरार ,अप्रोच सड़क धंसा

डोंगरगांव । बन्दरकट्टा को जोड़ने वाली लगभग 10 करोड़ रु की लागत से बन रही पुल भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। अपने कार्यवधि समय से अधिक समय से ज्यादा हो गया हैं किंतु अभी तक पुल बन कर तैयार नही हो पाया है। साथ ही पुल के आधा अधूरा निर्माण से ग्रामीण एवं आवा जाहि करने वाले लोग परेशान हैं।

साथ ही साल की पहली बारिश में ही घटिया निर्माण की पोल खुल कर सामने आ गयी है। बता दे की पुल के दोनो ओर बनी अप्रोच रोड़ की हालत अभी से खराब हो गुई है। हल्की बारिश में भी सड़क नीचे धंस गयी है। साथ ही पुल के साइड में बनी पिचिंग भी बुरी तरह से खिसक रही है। इससे आगामी दिनों में सड़क धसने से कोई बड़ा हादसा हो सकता है जिसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। ।
इसके बाद भी संबंधित अधिकारी और ठेकेदार द्वारा मनमानी किया जा रहा है। क्षेत्र के नेताओ से भी संपर्क किया गया किंतु किसी ने भी फोन उठाना मुनासिब नही समझा। पाठकों को बता दे कि कांग्रेस सरकार में जो भी कार्य हो रहे हैं उनमें भ्रष्टचार खुलकर हो रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों से नाराज ग्रामीण

इस 10 करोड़ के लागत वाली पुल में भ्रष्टाचार में ठेकेदार, स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों का बराबर का हिस्सा नजर आता है। क्योंकि निर्माण हो रहे पुल की निरीक्षण के लिए अभी तक किसी अधिकारी का दौरा हुआ है और न ही किसी नेता ने वहाँ दस्तक दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय जनपद सदस्य एवं जनपद अध्यक्ष टिकेश साहू ने एक बार भी पुल का निरीक्षण नही किया है। ग्रामीणों ने खराब क्वालिटी की पुल निर्माण की जानकारी टिकेश साहू को दिया था लेकिन अभी तक उन्होंने इस पुल पर कदम नही रखा है। साथ ही ठेकेदार विनोद अग्रवाल के खिलाफ ग्रामीण काफी आक्रोशित दिखाई दिए।

पुल बनाने के चक्कर मे स्कूल का रास्ता बंद
स्कूल कैसे जाएंगे बच्चे और शिक्षक …..?


आपको बता दे कि लोगो को सुविधा पहुँचाने 10 करोड़ की लागत से बन रहे पुल लोगो के लिए ही समस्या बन गयी है। कोहका एवं बन्दरकट्टा के ग्रामीण ठेकेदार विनोद अग्रवाल एवं स्थानीय नेताओं से काफी नाराज नजर आए। दरअसल हुआ ये है कि जहाँ पुल निर्माण हो रहा है वही समीप में ही प्राथमिक शाला स्कूल भी स्थित है। पुल के अप्रोच सड़क के कारण स्कूल काफी नीचे दब गई है ,साथ ही सड़क की ऊँचाई काफी ऊपर हो गयी है और स्कूल जाने का रास्ता बंद हो गया है।

ठेकेदार द्वारा स्कूल जाने के रास्ते को भी दुरुस्त नही किया गया है। छोटे बच्चे कैसे स्कूल जाएंगे बड़ा सवाल है। ठेकेदार अपने फायदे के किए स्कूली बच्चों का भविष्य खराब करने में रुचि दिखा रहे हैं। क्योंकि अब न तो बच्चे स्कूल जा पा रहे हैं और न शिक्षक। तो बच्चे पढ़ेंगे कहा…?


इस संबंध में जब सरपंच पति देवेन्द साहू से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि ठेकेदार और इंजीनियर को कई बार कहा गया कि कम से कम स्कूल के रास्ते में मुरुम डलवा दे किंतु उन्होंने किसी का नही सुना।कहा कि स्कूली बच्चे चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि यहाँ ठेकेदार और इंजीनियर की मनमानी शुरू से चल रहा है किसी की बात नही सुनता अपनी मनमानी से काम कर रहा है।

अप्रोच सड़क में मुरुम के बदले डाली दी मिट्टी
देवेन्द साहू ने बताया कि जिस अप्रोच सड़क में मुरुम डालना था वहाँ खुलकर ठेकेदार ने मनमानी की और मिट्टी डाल दी। मिट्टी डालने से हल्की बारिश में भी सड़क काफी नीचे धंस गयी है जिससे सड़क और पुल के गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करता नजर आ रहा है।
साथ ही अप्रोच सड़क में डाली जा रही गिट्टी की साइज भी 40 mm से ज्यादा है। कुल मिलाकर देखा जाए तो 10 करोड़ की पुल जो ग्रामीणों को लाभ पहुँचाने के लिए बनाई जा रही है उसमें ठेकेदार और अधिकारी को ही लाभ मिल रहा है। बाकी स्थानीय नेताओं को उनका हिस्सा मिलना तो तय रहता है।

स्थानीय निवासी

इंजीनियर भूषण सेन्डे
इंजीनियर भूषण शेंडे ने बताया कि मैं अभी दो-चार दिनों से नहीं गया हूं अभी जाकर देखता हूंl जब उन्हें फूल के हाल के बारे में बताया गया तब उन्होंने कहा कि पहली बारिश है यह होता ही है उसमें सुधार किया जाएगाl

ठेकेदार विनोद जैन
ठेकेदार विनोद जैन से संपर्क करने पर उन्होंने फोन नहीं उठाया।

सरपंच पति

जनपद अध्यक्ष टिकेश साहू
जनपद अध्यक्ष टीकेश साहू ने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है मैं जाकर देखता हूँ

रिपोटर राशिद जमाल सिद्दीकी