गंडई । छत्तीसगढ़ के सभी पटवारी प्रांतीय संघ के आह्वान पर अपनी आठ सूत्रीय मांगो को लेकर हड़ताल में 14 दिन पूरा कर लिए पर सरकार को आज पर्यंत कोई ध्यान नही आया जो की सरकार की पटवारियों के प्रति उदासीनता को बताता है। अपने मांगो को लेकर हड़ताल पर बैठे है सरकार से गुहार लगा रहे है पर सरकार का बर्ताव साफ झलक रही है,आपको बता दे कि पटवारियो के हड़ताल में जाने से किसान और स्कूली बच्चे अपने काम के लिए सब इधर उधर भटक रहे है।

अभी स्कूल में बच्चे का दाखिला हेतु आय जाति प्रमाण पत्र आवश्यक है तो वही किसान को सदस्य बनने और खाद बीज हेतु खसरा, बी1 की जरूरत है जो नही मिलने से समस्या गंभीर होती जा रही है।सालहेवारा तहसील अंतर्गत वनांचल के किसान भी इससे प्रभावित होते इधर उधर भटक रहे हाहाकार की स्थिति है। इस संबंध तहसील हड़ताल स्थल में बैठे में पटवारिया से चर्चा हुई जिसमे पटवारी राजेंद्र साहू ने बताया कि यह हड़ताल प्रांतीय स्तर पर है ।
छ.ग.पटवारी संघ अनिश्चित कालीन हड़ताल की 14 दिन बाद भी सरकार को ध्यान नही
और संघ अपनी मांगो को लेकर प्रतिबद्ध है और 14 दिन हड़ताल पूरा होने के बाद भी सरकार का कोई ध्यान नही देना पटवारी संघ के प्रति पूर्ण रूप से उदासीनता को प्रदर्शित करती है। वही वनांचल के वरिष्ठ पटवारी विजय चौरे ने बताया कि सरकार हमारे मांगो पर उदासीन है आज पर्यंत सरकार के पक्ष से हमारे प्रतिनिधि से कोई संवाद नही हुआ है जो बहुत ही गलत बात है हमें सरकार से ये आशा नहीं थी।

सरकार हमारे सभी मांगे मुख्य रूप से वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, 5 वर्ष पूर्ण पटवारियों के लिए विभागीय परीक्षा,वेतन विसंगति, बिना जांच प्राथमिकी दर्ज होना, मुख्यालय निवास की बाध्यता खत्म करना और अन्य महत्वपूर्ण मांगो को लेकर हड़ताल पर है, ये सभी मांग सरकार जल्द से जल्द पूर्ण करे।जब तक मांगी पूरी नहीं हो जाती पटवारी संघ हड़ताल से वापसी नही करेगी, क्यों कि ये सभी मांगे बहुत ही महत्वपूर्ण बताया। पटवारियों का कहना है कि उन्हें जमीनी स्तर पर काम करना होता है ।
जिससे बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है और सरकार को हमारी समस्या को समझना चाहिए ताकि पटवारी निर्भीक और बिना भय के किसान हित में काम कर सके। हड़ताल खत्म के विषय में पूछने पर पटवारियों ने बताया कि हड़ताल वापस इस बार मांगे पूरा होने पर ही हड़ताल वापसी होगी।
रिपोर्ट राशिद जमाल सिद्दीकी










