खैरागढ़ । बढ़ती गर्मी के साथ साथ खैरागढ़ ज़िले में वन्य प्राणियो की चहलक़दमी भी बढ़ गई है ।
ज़िले में एक सप्ताह में ही वन्य प्राणी का दूसरा बड़ा हमला सामने आया है,मड़वा भाटा जंगल में ४५ वर्षीय बसंत राम कँवर तेंदूपत्ता तोड़ने गये जहां उन पर भालू ने हमला कर दिया और बुरी तरह से घायल कर दिया ।

आपको बता दें की दो दिन पहले इसी तरह तेंदूपत्ता तोड़ने गये ग्रामीण पर बाघ ने हमला किया था जिसे आस पास के लोगो ने शोर कर बचाया था ठीक उसी तरह आज बसंत राम को आस पास के लोगो ने भालू से बचा लिया ।

फ़िलहाल बसंतराम को छुईख़दान के अस्पताल लाया गया है और उसका उपचार चल रहा है ।
लेकिन गर्मियों में जहां जानवर पानी और शिकार की तलाश में भटक रहे हैं वहीं दूसरी ओर वनविभाग द्वारा तेंदूपत्ता तोड़ने बड़ी संख्या में ग्रामीणों को जंगल में लगाया गया है ।ऐसे में ग्रामीणों की सुरक्षा और वन्य जीवों की भी सुरक्षा में कई सवाल वन विभाग पर खड़े होते हैं ।

फ़िलहाल वनविभाग इन दोनों हमलों पर मौन है लेकिन पीड़ित के पारिवारिक सूत्र बताते है की उपचार हेतु वन विभाग द्वारा तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई है।
रिपोर्ट राशिद जमाल सिद्दीकी










