तहसीलदार अनुज पटेल के तबादले से तमनार के ग्रामीणों में खुशी की लहर….

रायगढ़। तमनार अतिरिक्त तहसीलदार अनुज पटेल का हुआ तबादला तमनार ब्लाक के ग्रामीणों में खुशी की लहर विदित हो कि बीते दिनों तमनार ब्लाक के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की थी तमनार तहसील के साईन के जगह अपना साईन कर ग्रामीण क्षेत्र में एसीसीईएल व अन्य कंपनी को लाभ पहुंचाने के नियत से ग्राम पंचायतो को बिना सुचना व जानकारी दिये

वगैर सर्वे करने अपने दल बल के साथ पहुंचे थे जिसे ग्रामीणों ने खदेड़ दिया था और जिला प्रशासन से अतिरिक्त तहसीलदार अनुज पटेल को तमनार तहसील से हटाने की मांग किया था पर जिला प्रशासन के द्वारा अनुज पटेल को हटाने में लेटलथिफी करने पर ग्रामीणों ने
दिनांक 9/5/2023 को कोयलांचल क्षेत्र तमनार की ग्राम उरबा में कोयला खदान के विरोध में आकस्मिक बैठक रखी गई जिसमें पेलमा उरबा हिंझर जरीडीह और मड़वाडुमर लालपुर सक्ता मिलुपारा गांव के लोग सम्मिलित हुए इस बैठक में क्षेत्रवासियों ने निर्णय लिया।

कि पूर्व में अनिश्चितकालीन हड़ताल को अपनी मांगे पूरी होने का आश्वासन देकर स्थगित किया गया था क्षेत्रवासियों का मांग था कि अतिरिक्त तहसीलदार अनुज पटेल को तमनार तहसील कार्यालय से हटाया जाए यह मांग पूरी ना होने पर पुनः हड़ताल को जारी करने का निर्णय लिया गया साथ ही कोयला खदान प्रस्तावित क्षेत्र में कोयला खदान के लिए जमीन नहीं देने का निर्णय लिया गया।

दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के बाद जिला कलेक्टर रायगढ़ ने , अतिरिक्त तहसीलदार अनुज पटेल को को तमनार से रायगढ़ तबादला कर दिया है , वही अतिरिक्त तहसीलदार अनुज पटेल के तबादले की खबर सुनकर कर ग्रामीणों में खुशी देखी जा रही है। विदित हो कि रायगढ़ जिले के सबसे चर्चित राजस्व अधिकारी तहसीलदार अनुज पटेल ने तमनार पोस्टिंग मिलते ही रंग दिखाने शुरू कर दिया ।

एसईसीएल को आवंटित पेलमा कोयला खदान के लिए सर्वे होना था । इसके लिए धारा 9 और धारा 11 का प्रकाशन 2010 में हो चुका है। हाल ही में इस खदान के लिए एमडीओ अडाणी इंटरप्राइजेस को दिया गया है। करीब 18 हजार करोड़ में एसईसीएल ने अडाणी ग्रुप के साथ एग्रीमेंट किया है। इसके लिए पेलमा, उरबा, लालपुर, मंडवाडूमर, जरहीडीह, हिन्झर, सक्ता और मिलूपारा में सर्वे होना था तमनार में तहसीलदार के रूप में लीलाधर चंद्रा की पोस्टिंग है। जबकि अनुज पटेल को हाल ही में कापू से तमनार में अतिरिक्त तहसीलदार बनाया गया है।


जिन गांवों में सर्वे होना था, वे लीलाधर चंद्रा के कार्यक्षेत्र में आते हैं, लेकिन अनुज पटेल ने कार्यालय तहसीलदार तमनार के नाम से खुद ही आदेश निकलवाया था , साइन भी खुद ही किया और आरआई-पटवारियों का चयन भी स्वयं ही किया। दिन बुधवार को आदेश निकाला और गुरुवार को अनुज पटेल आरआई और पटवारियों को लेकर गांवों में पहुंच गए। इस तरह तहसीलदार तमनार का सील लगाकर खुद ही साइन कर सर्वे करने का मामला तूल पकड़ते दिखा लीलाधर चंद्रा को इस बात की कोई भी जानकारी नहीं थी।

आदेश को देखकर उन्होंने भी हैरानी जताई लेकिन अनुज पटेल के सामने बेबस थे। इसकी शिकायत उन्होंने कलेक्टर से की है।वैसे ही ग्रामीणों को पता चला कि उनके क्षेत्र में बिना कोई सुचना न जानकारी दिये वगैर सर्वे करने आये है


तहसील तमनार के अतिरिक्त तहसीलदार अनुज पटेल और आरआई और पटवारी ने सर्वे का काम शुरू भी नहीं किया था कि ग्रामीणों ने घेर लिया। ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराते हुए सर्वे टीम को बाहर खदेड़ दिया। ग्रामीणों ने फरवरी में रायगढ़ तक पदयात्रा कर विरोध भी जताया था। ग्रामीण कोयला खदान के लिए जमीनें नहीं देना चाहते। पहली बार एसईसीएल ने 25 मिलियन टन प्रतिवर्ष वाली माइंस का संचालन आउटसोर्सिंग के जरिए करने का निर्णय लिया है।

और कलेक्टर से अतिरिक्त तहसीलदार अनुज पटेल को तमनार तहसील से हटाने का मांग भी किया था जिससे जिला प्रशासन ने ग्रामीणों की मांग पूरी करने का आश्वासन दिया था पर आज पर्यन्त तक अतिरिक्त तहसीलदार अनुज पटेल को तमनार तहसील से नहीं हटाने पर तमनार ब्लाक के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने पुनः एक बैठक आहूत कर निर्णय लिया है

कि वे जिला प्रशासन की वादाखिलाफी के खिलाफ और अतिरिक्त तहसीलदार को हटाने की मांग और जल जंगल जमीन नहीं देने का निर्णय लेते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने का निर्णय लिया है। जिसकी खबर प्रकाशित के बाद अनुज पटेल को तमनार से रायगढ स्थानान्तरण किया गया और लीलाधर चन्द्रा तहसीलदार के आने तक सोनी को घरघोड़ा तहसीलदार को चार्ज दिया गया है