रायगढ़। जिले के कुछ ही दूर स्थित ग्राम टेंडर नवापारा का रहने वाला किसान ऋगवेद की प्रेग्नेंट पत्नी अचानक बीमार पड़ गई पीड़ित किसान उसको लेकर रायगढ़ पहुंचा जहां उसने शहर के आर एल हॉस्पिटल में भर्ती कराया फिर वहाँ जांच चालू हुआ

आर एल हॉस्पिटल में संपूर्ण जांच के बाद पता चला कि किसान की प्रेग्नेंट पत्नी का खून की कमी है तब उसे वहां से पर्ची लेकर रक्त के लिए निकला और भटकते हुए पहुंचा अपेक्स हॉस्पिटल वहां उसने ₹3000 में रक्त लिया

फिर डॉक्टरों ने कहा कि ब्लड एक यूनिट और चाहिए पैसे की कमी और सुबह से शाम तक भटकता पीड़ित किसान ने सोचा कि मैं परेशान तो हूं और मेरे पास रकम की भी कमी है तो मैं अब यहां किसी से मदद की उम्मीद लेता हूं तभी उसने अपने रिश्तेदारों को फोन करना चालू किया कहीं जाकर उसे पता चला कि उसके गांव के परिचित के चचेरे नाना जो कि रायगढ़ शहर मैं हलवाई का काम करते हैं

फिर उसने फोन पर ही अपने हलवाई नाना को सारी व्यथा सुनाई उसके नाना ने उसे आश्वासन दिया कि तोला परेशान होये के कोनो दरकार नई हें में हां एक ठीक मीडिया के पत्रकार मन ल जानत थो ओमन रायगढ़ में सबके हेल्प करथे में ओमन ल फोन करके बलात हो ओमन हमर हेल्प करही

फिर उसने मीडिया टीम से संपर्क किया और हमारे लोग आर एल हॉस्पिटल पहुँचे किसान ने नम आँखों से रोते हुये कहाँ की भैया आप मन मोला ई खून ल दिलावा हम लोग सब साथ वह किसान और उसके नाना दुजराम हलवाई सबको लेकर पहुँचे जिला चिकित्सालय
फिर वहां पर्ची दिए ब्लडबैंक ने कहाँ सामने से पर्ची कटवा कर ले आओ पर्ची कटाने गये तो उसने पूछा कि भैया आप पता कर लिए हो ना ब्लड बैंक में ब्लड है..? या नहीं.?? हमने कहा हां उसने पर्ची कटाने बोला है, आप पर्ची काट कर दे दो तब उसने कहा कि आप ₹1010 दो, फिर हमने उसे ₹1010 दिया और उस पर्ची को लेकर फिर पहुंचे ब्लड बैंक।
फिर उसने हमारे पास रखे सब पर्ची को लेकर कहा कि भैया सॉरी मैं गलती से नहीं देख पाया था हमारे पास यह ब्लड उपलब्ध नहीं है हमने और किसान ने उसे रिक्वेस्ट किया कि आपने अभी कहा की है अब कहते हैं नहीं हैं यह क्या बात हुई, उसने उत्तेजना से कहा कि एक बार जो बोल दिया बोल दिया नहीं है तो नहीं है अब पैदा करूं क्या..?
हमने कहा कि कोई बात नहीं आप उत्तेजित मत होइए हमारा पैसा वापस कर दीजिए तब उसने कहा पैसा आपको वहीं सामने मिलेगा वहां से वापस अपनी रकम लेने के लिए आए तब उसने कहा कि इसमें ब्लड बैंक वाले का हस्ताक्षर और डॉक्टर मंडावी का हस्ताक्षर करवा कर लाओ फिर हमने वापस ब्लड बैंक हस्ताक्षर कराने गए उसने अपनी गलती मानते हुए हस्ताक्षर तुरंत कर दिया।
फिर हम लोग डॉक्टर मण्डावी के पास गए, उनको सारी बात बताई डॉ मंडावी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उसने पर्ची को अच्छे से ध्यान से नहीं देखा होगा..? गलती हो गया होगा.? कोई बड़ी बात नहीं.?? किसान ने कहा कि सर मैं आपके हाथ जोड़ता हूं मेरा पैसा ₹1010 वापस करा दीजिए, डॉक्टर मंडावी को लगा कि यह लोग और बात को बड़ा करेंगे उसने तुरंत उस पर्ची पर दस्तखत कर दिया, और कहा आप लोग जाइए पैसा वापस हो जायेगा।
सोचने समझने वाली बात यह है, कि अब जाये भी तो कहाँ जाये, किसकी गलती इसकी टोपी उसके सर, पल्लझाड़ते डॉक्टर.. और ब्लड बैंक.. कौन है जिम्मेदार..? क्या हो गया यहाँ के लोगो को










